एसबीआई के एटीएम संचालन के नए नियम और ग्राहकों को मिलने वाली सुविधाएं
भारतीय स्टेट बैंक ने अपने एटीएम नेटवर्क के बेहतर संचालन के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। बैंक ने देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित लगभग 5000 एटीएम के रखरखाव और नकदी प्रबंधन का जिम्मा एक निजी सेवा प्रदाता कंपनी, सीएमएस इंफो सिस्टम्स लिमिटेड को सौंपने का निर्णय लिया है। यह नया अनुबंध 10 साल की अवधि के लिए किया गया है, जो जनवरी 2026 से प्रभावी रूप से लागू हो जाएगा। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं में और अधिक सुधार लाना और ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है।
इस नई व्यवस्था के अंतर्गत संबंधित कंपनी एटीएम मशीनों के संचालन, उनमें समय पर नकदी उपलब्ध कराने, तकनीकी निगरानी और लॉजिस्टिक से जुड़े सभी कार्यों की जिम्मेदारी संभालेगी। अब तक बैंक इन कार्यों को आंतरिक रूप से या सीमित स्तर पर बाहरी एजेंसियों की मदद से करता था, लेकिन अब इसे पूरी तरह से एक समर्पित एजेंसी को आउटसोर्स कर दिया गया है। इससे बैंक को उम्मीद है कि एटीएम मशीनों के खराब रहने के समय में कमी आएगी और तकनीकी खामियों को तेजी से सुधारा जा सकेगा।
पिछले कुछ समय में एटीएम से जुड़ी शिकायतों, विशेष रूप से नकदी की कमी और मशीनों के काम न करने की समस्याओं में वृद्धि देखी गई थी। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले ग्राहकों को अक्सर इन चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। बैंक अधिकारियों का मानना है कि एक पेशेवर एजेंसी के माध्यम से इन समस्याओं का बेहतर समाधान निकाला जा सकेगा। यह मॉडल एटीएम सेवाओं को अधिक संगठित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बैंकिंग प्रणाली की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
सार्वजनिक क्षेत्र के किसी बड़े बैंक द्वारा इतने व्यापक स्तर पर एटीएम संचालन को आउटसोर्स करना एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। सीएमएस इंफो सिस्टम्स जैसी अनुभवी कंपनी के साथ यह दीर्घकालिक समझौता संचालन में स्थिरता सुनिश्चित करेगा। बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में अन्य सार्वजनिक बैंक भी इसी तरह की व्यवस्था अपना सकते हैं। इससे न केवल सेवाओं का आधुनिकीकरण होगा, बल्कि बैंकों की लागत पर नियंत्रण रखने में भी मदद मिल सकती है।
एसबीआई के इस कदम का सीधा लाभ आम ग्राहकों को मिलेगा। बैंक का पूरा ध्यान इस बात पर है कि एटीएम हर समय चालू रहें और लोगों को पैसे निकालने के लिए किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि यह नया मॉडल ग्राहकों की संतुष्टि और बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता में कितनी बड़ी क्रांति लेकर आता है। फिलहाल बैंक अपनी सेवाओं को और अधिक विश्वसनीय बनाने की ओर अग्रसर है।