संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से होगा शुरू; इतिहास में पहली बार 1 फरवरी (रविवार) को निर्मला सीतारमण पेश करेंगी लेखा-जोखा
केंद्र सरकार ने बजट 2026 की आधिकारिक तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस बार का बजट कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि 1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह तय हो गया है कि बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा और दो चरणों में चलेगा। रविवार को बजट पेश होने के कारण इस बात की भी चर्चा है कि क्या उस दिन शेयर बाजार (NSE/BSE) खुले रहेंगे, ताकि बाजार पर बजट का तत्काल असर देखा जा सके। आम आदमी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बार उनकी बचत बढ़ाने वाले ऐलान होंगे।
इनकम टैक्स में बड़ी राहत की उम्मीद
मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए इस बजट में आयकर (Income Tax) को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार टैक्स फ्री इनकम की सीमा बढ़ा सकती है और स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जा सकता है। इसके अलावा, इनकम टैक्स स्लैब में 30% की उच्चतम सीमा को 24 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 से 50 लाख रुपये तक करने की संभावना है। होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली छूट (Section 24b) को भी न्यू टैक्स रिजीम में वापस लाया जा सकता है, जिससे घर खरीदारों को बड़ी राहत मिलेगी।
युवाओं के लिए रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा
देश में बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए सरकार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए करीब 23,000 करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित कर सकती है। इस कदम का उद्देश्य चीन पर निर्भरता कम करना और भारत को ‘आत्मनिर्भर’ बनाना है। नई फैक्ट्रियां और प्लांट लगने से युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में कच्चे माल पर लगने वाले आयात शुल्क (Custom Duty) को कम या समाप्त किया जा सकता है, जिससे ये उद्योग वैश्विक स्तर पर और प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए विशेष प्रावधान
कृषि क्षेत्र के लिए भी बजट 2026 में बड़े सुधार देखने को मिल सकते हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संकेत दिया है कि सरकार एक सख्त ‘बीज कानून’ ला सकती है ताकि किसानों को नकली खाद और बीजों से बचाया जा सके और उन्हें गुणवत्तापूर्ण इनपुट मिल सकें। इसके अलावा, पीएम किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी या ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए विशेष फंड का ऐलान भी संभावित है। राजस्थान जैसे राज्यों के लिए 1.5 लाख सरकारी नौकरियों और ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 25 लाख महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य भी रखा जा सकता है।
भारत बनेगा ग्लोबल एआई (AI) हब
सरकार भारत को केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनाना चाहती है। इसी विजन के साथ बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर्स के लिए विशेष प्रोत्साहन (Incentives) दिए जा सकते हैं। एआई स्टार्टअप्स को टैक्स में छूट और डेटा सेंटर लगाने वालों को सस्ती बिजली जैसे लाभ मिल सकते हैं। अनुमान है कि एआई अपनाने से 2035 तक भारत की जीडीपी में 1.7 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा हो सकता है, इसलिए सरकार इसे आर्थिक विकास के एक प्रमुख इंजन के रूप में देख रही है।