किसान भाइयों इस बार गेहू में इस 5 ताकतवर खादो का स्प्रे करे, और दुगुना आय निकाले.
गेहूं की फसल में अधिक फुटाव और पैदावार बढ़ाने के लिए पांच सबसे ताकतवर खादों का स्प्रे एक रामबाण उपाय है। यदि आपके गेहूं की फसल में पीलापन है, बढ़वार रुकी हुई है या नए कल्ले नहीं निकल रहे हैं, तो यह फॉर्मूला बहुत प्रभावी साबित होता है। यह न केवल गेहूं के पुराने से पुराने पीलेपन को दूर करता है, बल्कि बाजार में मिलने वाले महंगे पैकेटों की तुलना में काफी सस्ता और असरदार भी है। इस स्प्रे का मुख्य उद्देश्य फसल को वे सभी सूक्ष्म पोषक तत्व प्रदान करना है जिनकी कमी से अक्सर उत्पादन घट जाता है।
इस ताकतवर स्प्रे में पांच मुख्य खादों का मिश्रण तैयार किया जाता है। इसमें यूरिया, 12% चिलेटेड जिंक, मैग्नीशियम सल्फेट, मैंगनीज सल्फेट और 12% चिलेटेड फेरस यानी आयरन शामिल हैं। यूरिया फसल को तुरंत नाइट्रोजन देता है, जबकि जिंक और आयरन पीलापन दूर कर पत्तियों को गहरा हरा बनाते हैं। मैग्नीशियम और मैंगनीज प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को तेज करते हैं, जिससे पौधा अधिक भोजन बनाता है और कल्लों यानी टिलरिंग की संख्या में तेजी से वृद्धि होती है।
खुराक की बात करें तो एक एकड़ के लिए 200 लीटर पानी का उपयोग करना सबसे बेहतर माना जाता है। इस मात्रा के लिए आपको 1 किलो यूरिया, 100 ग्राम चिलेटेड जिंक, 1 किलो मैग्नीशियम सल्फेट, 500 ग्राम मैंगनीज सल्फेट और 100 ग्राम चिलेटेड आयरन की आवश्यकता होगी। यदि आप पानी की मात्रा कम रखते हैं, जैसे कि 100 या 150 लीटर, तो खाद की मात्रा भी उसी अनुपात में कम करनी चाहिए ताकि पत्तियों पर किसी प्रकार की जलन न आए। 200 लीटर पानी के साथ इस पूरे स्प्रे का खर्च लगभग 236 रुपये प्रति एकड़ आता है।
इस स्प्रे को तैयार करते समय कुछ विशेष सावधानियां रखना बहुत जरूरी है। इन सभी खादों का घोल अलग-अलग प्लास्टिक के बर्तनों में बनाना चाहिए और लोहे या तांबे जैसे किसी भी धातु के बर्तन का उपयोग नहीं करना चाहिए। स्प्रे पंप को पहले साफ पानी से पूरा भर लें और फिर एक-एक करके तैयार किए गए अलग-अलग घोल उसमें मिलाएं। मिश्रण बनाने के बाद इसे ज्यादा देर तक रखा नहीं जाना चाहिए और तुरंत स्प्रे कर देना चाहिए। लंबे समय तक मिश्रण रखने से उनमें रासायनिक क्रिया हो सकती है जो फसल के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
स्प्रे करते समय खेत में पर्याप्त नमी होना आवश्यक है, लेकिन पत्तियों पर ओस नहीं होनी चाहिए। जब अच्छी धूप निकल आए और पत्तियों से ओस पूरी तरह हट जाए, तभी स्प्रे करें ताकि दवा पत्तियों पर अच्छी तरह चिपक सके। यह स्प्रे गेहूं की फसल में 30 दिन से लेकर 60 दिन की अवस्था के बीच कभी भी किया जा सकता है। इससे गेहूं की पत्तियां चौड़ी हो जाती हैं और बाद में निकलने वाली बालियां लंबी, मोटी और दानों से भरपूर होती हैं, जो आपकी कुल पैदावार में भारी बढ़ोतरी करती हैं।